अलैंगिक / अयुग्मिक जनन (Asexual reproduction)

अलैंगिक / अयुग्मिक जनन (Asexual reproduction)

परिभाषा :

एक जनक से, बिना युग्मक निर्माण तथा संयोजन के, संतति का उत्पन्न होना, अलैंगिक जनन कहलाता है। नवजात संतति एक जनक के द्वारा अपने सभी जीन्स को प्राप्त करती है।

अलैंगिक जनन को अयुग्मक जनन (agamogenesis or agamogeny) के रूप में भी जाना जाता है। इसमें केवल समसूत्री विभाजन होता है, तथा इसे ’कायिक जनन’ भी कहते हैं। अलैंगिक जनन एकसमान रूप की संतति उत्पन्न करता है, जिसे सामान्यतः क्लोन के रूप में जानते हैं। वर्तमान में वैज्ञानिक कृत्रिम रूप से प्रयोगशाला में बहुकोशिकीय जीवों के क्लोन उत्पन्न करने में सक्षम हो गये हैं। (जैसे – जंगली सुअर के बच्चे को ’फ्रोस्टी’ एवं भेड़ के बच्चे को ’’डाॅली’’ नाम दिया गया)

प्राप्तिस्थल :

अलैंगिक जनन प्रोटोजोअन्स तथा कुछ निम्न जीवों जैसे – स्पंजों, सीलेन्ट्रेटों, कुछ कृमियों एवं ट्यूनिकेटों में पाया जाता है। यह उच्च अकशेरूकियों के बीच तथा सभी कशेरूकियों में अनुपस्थित होता है।

प्रकार :

अलैंगिक जनन प्रमुख पाँच प्रकार से होता है –

  1. द्विविभाजन (Binary fission)
  2. बहुखण्डन (Multiple fission)
  3. प्लाज्मोटोमी (Plasmotomy)
  4. मुकुलन (Budding)
  5. खण्डन

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